हरिद्वार, फरवरी 14 -- शिक्षा की गुणवत्ता केवल पढ़ाने से नहीं, बल्कि सही मूल्यांकन से तय होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीबीएसई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देहरादून के तत्वावधान में दो दिनी कार्यशाला हुई। दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में आयोजित कार्यशाला में सीबीएसई से संबद्ध विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया। भारतीय अकादमी रुड़की की प्रधानाचार्य रमनीत स्वरूप और द वेस्टमिंस्टर स्कूल दुबई के विशेषज्ञ सरबजीत सिंह ने शिक्षकों को मूल्यांकन की आधुनिक अवधारणाएं बताईं। प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने कहा कि मूल्यांकन और आकलन को सुदृढ़ बनाना शिक्षा जगत से जुड़े हर वर्ग की जिम्मेदारी है। प्रतिभागियों ने रूब्रिक्स और ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार किए। यह पहल सैद्धांतिक ज्ञान को कक्षा-उपयोगी अभ्यास में बदलने की दिशा में ठोस कदम साबित ...