अयोध्या, दिसम्बर 2 -- अयोध्या, संवाददाता। भविष्य की चिंता समेत कई ऐसे कारण है, जिसकी वजह से ज्यादातर युवा मानसिक तनाव से ग्रसित रहते है। रात में नींद न आने की बीमारी सबसे ज्यादा युवा वर्ग को रहती है। जिसमें 11 से 35 वर्ष के युवा शामिल है। हालत गम्भीर होने पर परिजन इन्हें इलाज के लिए लेकर आते है। अनिद्रा की बीमारी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल में रोजाना आठ से दस मरीज आते है। जिनमें ज्यादातर युवा रहते है। इनका हफ्तों तक इलाज चलता है। जिला अस्पताल के मनोपरामर्शदाता डा. आलोक मनदर्शन ने बताया कि नींद न आने का सबसे बड़ा कारण मानसिक तनाव होता है। मानसिक तनाव विभिन्न कारणों से हो सकता है। शरीर में मेलाटोनिन रसायन कम हो जाता है तो यह अनिद्रा का कारण बन जाता है। चिकित्सालय में किसी चिकित्सक के पास मरीज नींद न आने की बात कहकर आता है तो उसे मनोरो...
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