कटिहार, मई 10 -- कटिहार, वरीय संवाददाता 1965 और 1971 के युद्ध में शामिल कटिहार के मनतोष मित्रा 80 की दहलीज पर है। मगर अभी भी वे खुद को फिट मानते है और कहते है कि सिपाही युद्ध के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा कराया गया मॉक ड्रिल को अभ्यास में लाने की जरूरत है। इस दौरान प्रशासन ही नहीं हरेक देशवासियों का कर्त्तव्य है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान बिजली बंद रखे। एक की लापरवाही सबों पर भारी पड़ सकती है। अपने 1965 के युद्ध को याद करते हुए मनतोष मित्रा बताते है कि एयरफोर्स उन्हें लद्दाख में ड्यूटी दी गयी है। इस दौरान शाम होते ही ब्लैक आउट हो जाता था। जो भी काम करना होता था वह टॉर्च की काफी कम रोशनी में होती थी। उस समय के सिविलियन भी ब्लैक आउट से लेकर सिपाहियों की मदद किया करते थे। हालांकि 17 दिन ही यह युद्ध चला था। मगर उसके बाद...
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