रांची, फरवरी 23 -- रातू, प्रतिनिधि। मां काली मंदिर की 25वीं वर्षगांठ पर रविवार को मंदिर परिसर स्थित यज्ञस्थल में श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत हुई। अयोध्या से आए कथावाचक स्वामी विवेकानंद जी महाराज ने हनुमान चालीसा के साथ कथा की शुरुआत की। स्वामीजी ने श्रद्धालुओं से कहा कि बिना तप के कुछ भी प्राप्त नहीं होता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व को बताते हुए कहा कि इसका एक-एक शब्द पापनाशक है। तन को स्वस्थ करने की औषधि मुख से ली जाती है, जबकि मन को शुद्ध करने की औषधि कान से पी जाती है। उन्होंने सात दिनी कथा के संदर्भ में राजा परीक्षित और तक्षक नाग के श्राप की कथा का उल्लेख करते हुए मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया। कथा के पहले दिन का समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर समिति की अध्यक्ष अनिता तिवारी, सचिव गुड्डू...
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