मुजफ्फर नगर, फरवरी 4 -- मुजफ्फरनगर। शब-ए-बरआत इस्लामिक माह शाबान जो कि इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार आठवां महीना है। शब-ए-बरआत का त्योहार इस्लाम के अहम त्योहारों में से एक हैं। इस दिन लोग रात में जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं। शहर काजी तनवीर आलम ने बताया कि शब-ए-बरआत पर लोग रात में मस्जिदों में जाकर अल्लाह की इबादत करते हैं। साथ ही अपने पूर्वजों की मगफिरत की दुआ करते हैं। शब-ए-बरआत मंगलवार को सूरज ढलने से शुरु होगी और बुधवार को सुबह फजिर की नमाज तक चलेगी। मुस्लिम लोग मस्जिदों और अपने घरों में शब-ए-बरआत पर रतजगा कर इबादत करेंगे। इसके साथ दरगाहों, कब्रिस्तानों में जाकर अपने पूर्वजों एवं परिजनों की कब्रों पर दरूद फातिहा पढ़ेंगे। वहीं घरों में महिलाएं और बच्चे भी नमाजें और कुरआन पढ़ा जाएगा। शब-ए-बरआत पर रोजा भी रखा जाता है. हालांकि यह 15 शाबान का...
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