पटना, जून 27 -- राज्य के सरकारी पशु अस्पतालों में पिछले वर्ष 45.70 लाख पशुओं का इलाज हुआ। 20 वर्ष पहले यह संख्या 24.96 लाख थी। इस अवधि में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की संख्या 2.38 लाख से बढ़कर 44 लाख से अधिक हो गई है। पशु एवं मत्स्य संसाधान विभाग के अनुसार, एम्बुलेट्री वैन से 3,167 पशु चिकित्सा शिविर लगाए गए। वर्ष 2024-25 में 1.54 लाख पशुओं का बधियाकरण, 27,262 नमूनों की पैथोलॉजिकल जांच और 36.90 लाख पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है। करीब सात करोड़ पशुओं का टीकाकरण कराया गया। विभाग का कहना है कि पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार से यह संभव हुआ है। वर्ष 2005 तक केवल 814 पशु चिकित्सालय थे। अब 1,135 हो गया है।
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