हल्द्वानी, फरवरी 10 -- हल्द्वानी। गौलापार में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण का मामला एक बार फिर लटकता दिख रहा है। वन भूमि हस्तांतरण के लिए केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बावजूद अन्य औपचारिकताओं में देरी हो रही है। अब मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू) ने वाइल्डलाइफ मिटिगेशन प्लान सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं, जिससे प्रक्रिया में नई अड़चन पैदा हो गई है। गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हेक्टेयर वन भूमि पर प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में हरी झंडी दे दी है। वन विभाग ने खेल विभाग से इस भूमि के लिए क्षतिपूर्ति राशि के रूप में 6.4073171 करोड़ रुपये जमा करने को कहा है। इधर, मामले में एक नया मोड़ आया है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.