लखनऊ, जुलाई 4 -- नाबार्ड ने एमएसएमई पर बैठक आयोजित कर नई विकास दिशा तय की। कृषि और ग्रामीण विकास के लिए क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) की पहली बैठक में कृषि और एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा हुई। ओडीओपी और जीआई उत्पादों पर जोर दिया गया। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविन्द्र ने कृषि और एमएसएमई क्षेत्रों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्र एक-दूसरे पर निर्भर हैं, राज्य के जीडीपी में इनका योगदान लगातार बढ़ रहा है। उनका मानना है कि कृषि, बागवानी और पशुपालन में निवेश और इनका एमएसएमई क्षेत्र में उद्यमिता के रूप में उन्नयन, दोनों ही क्षेत्रों को अधिक लाभकारी, आय सृजन वाला बनाएगा। एमएसएमई सचिव प्रांजल यादव ने ने उद्यम पंजीकरण में हाल की वृद्धि और रोजगार की संभावनाओं पर बात करते हुए विभागों, नाबार्ड और बैंकों क...
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