हल्द्वानी, जून 30 -- नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण न देने के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से 2 जुलाई तक विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई। राज्य आंदोलनकारियों की ओर से दलील दी गई कि सरकार की ओर से बनाई गई नियमावली के तहत उन्हें 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसका लाभ नहीं मिल रहा है। यह राज्य सरकार की स्वयं की नीति के विरुद्ध है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि सरकार को तत्काल नियमों का पालन कर आरक्षण का लाभ देना चाहिए। मामला भुवन सिंह व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने एक कानून बनाकर आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण देना...
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