नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संदर्भ पर सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की ओर से कहा गया कि संविधान राज्यपालों को चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारों को दरकिनार करने की अनुमति नहीं देता। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने संविधान पीठ से कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत, राष्ट्रपति और राज्यपाल केवल 'नाममात्र के प्रमुख हैं, जो केंद्र और राज्यों, दोनों में मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमण्यम ने यह भी कहा कि अनुच्छेद-361 राष्ट्रपति और राज्यपालों को किसी भी आपराधिक कार्यवाही से छूट प्रदान करता है, क्योंकि वे कोई कार्यकारी कार्य नहीं करते हैं। जब विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर ...
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