देहरादून, दिसम्बर 16 -- अर्पण संस्था की संस्थापक रेणु ठाकुर ने राजी जनजाति के अधिकार और हक-हकूक की मांग उठाई है। संस्था ने वन अधिकार कानून के तहत राजस्व पट्टे देने की मांग उठाई। इसके साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधा भी मुहैया करने की मांग है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में संस्थापक रेणु ठाकुर ने कहा कि राजी जनजाति मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कहा कि वन अधिकार कानून 2006 में बन गया था, बीस साल पूरे हो गए है, लेकिन इस कानून के तहत मिलने वाला राजस्व भूमि पट्टा अभी तक नहीं मिल पाया। जनजाति के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। कहा कि संस्था ने शासन-प्रशासन के समक्ष दस सूत्रीय मांग पत्र रखा है। राजी जनजाति के लोगों की समस्याओं का जल्द निस्तारण होना चाहिए, ताकि इस समुदाय के लोग विकास की मुख्य धारा से...