आगरा, फरवरी 24 -- रामश्री के पिता और सत्यवीर के ससुर का मन कई दिनों से बिचलित था। मन में बेटी के घर जाने की हुई तो वह अमांपुर अपनी बेटी रामश्री और धवेते धवेतियों से मिलने पहुंचे थे। वह बच्चों के लिए खाने और सब्जी के लिए मटर लेकर गए थे। बेटी ने पिता के लिए चाय-पानी पिलाई और काफी देर तक घर परिवार के बारे में बात करती रही। पिता बलवीर ने कहा कि उन्हें क्या पता था कि, आने वाले दिनों में उसकी बेटी व दामाद और बच्चों के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। बात करते करते कई बार आंखों में आंसू भरे बलवीर कहते रहे कि बेटी का सबकुछ बर्बाद हो गया। गांव नगला बधिक में अपने परिवार के साथ मौजूद मिले रामश्री के पिता बलवीर ने बताया कि, हमारी बेटी और दामाद के बीच आपस में बहुत प्रेम था। वह जब भी किसी कार्यक्रम में आते तो हमारी बेटी रामश्री और बच्चों को मोटरसाइकिल पर ल...