बरेली, जनवरी 12 -- एसआरएमएस रिद्धिमा के सभागार में रविवार को दिल्ली के रुबरू थिएटर ग्रुप की ओर से नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम का मंचन किया गया। महाकवि कालिदास लिखित इस नाटक की परिकल्पना और निर्देशन काजल सूरी का रहा। महाकवि कालिदास लिखित अभिज्ञान शाकुंतलम चौथी शताब्दी के आसपास की रचना है, लेकिन इसकी कथा महाभारत काल से भी पहले की है। महाकाव्य महाभारत के आदि पर्व में दुष्यंत और शाकुन्तला की इस कथा का उल्लेख है। नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम में राजा दुष्यन्त और शाकुन्तला के प्रणय, विवाह, विरह तथा पुनर्मिलन की कथा है। नाटक में दिखाया गया है कि शाकुन्तला राजा दुष्यन्त की पत्नी थी। शाकुन्तला का जन्म मेनका अप्सरा के गर्भ से हुआ था, जो उसे वन में छोड़कर चली गई। वन में शंकुतों (पक्षियों) आदि ने हिंसक पशुओं से इसकी रक्षा की थी, इसी से इसका नाम शाकुन्तला पड़ा। रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.