मथुरा, दिसम्बर 1 -- स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के 139वें जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार को प्रेम धर्म पदयात्रा निकालकर भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग की गई। राजा साहब के प्रपौत्र कुंवर चरत प्रताप सिंह के नेतृत्व में केसी घाट से समाधि स्थल तक निकाली गई यात्रा का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रनायक राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करना था। पदयात्रा का समापन समाधि स्थल पर हुआ। यहां उनके अनुयायियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। चरत प्रताप ने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप ने 1909 में वृंदावन में देश का पहला पॉलिटेक्निक प्रेम महाविद्यालय स्थापित किया था। उन्होंने देश की आजादी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1915 में काबुल में प्रोविजनल गवर्नमेंट ऑफ इंडिया बनाई थी। वे एक लेखक, समाज सुधारक होने के साथ-स...