उन्नाव, फरवरी 5 -- उन्नाव। राजस्व विवादों के बोझ तले दबी व्यवस्था में जनपद ने कमाल कर दिखाया है। एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक जारी आंकड़ों में राजस्व न्यायालयों में 75.38 प्रतिशत वाद निस्तारण के साथ जनपद ने प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। राजस्व न्यायालय भूमि विवादों के विशेष कोर्ट होते हैं। इनमें वाद तहसील स्तर पर दर्ज होता है, जहां ऑनलाइन अभिलेखों का परीक्षण कर सुनवाई होती है। यह न्यायालय राज्य सरकार के आधीन काम करते हैं और भूमि विवाद संबंधी मामलों का त्वरित निस्तारण करते हैं। इन न्यायालयों में मुख्यत: दाखिल खारिज, भूमि माप, बंटवारा जैसे मामलों की सुनवाई होती है। शासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 में जनपद स्तर के राजस्व न्यायालयों में वादों के सापेक्ष निस्तारण प्रतिशत 75.38 फीसद रहा। जो प्रदेश के 75 ज...