जयपुर, अप्रैल 30 -- राजस्थान में पंचायतीराज और शहरी निकायों के पुनर्गठन को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार आरएसएस के इशारे पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि पंचायतों और नगरीय निकायों के पुनर्गठन में सभी नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया गया है। यह सब कुछ केवल सत्ता पाने की मंशा से किया जा रहा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि राज्य सरकार ने जिलों के कलेक्टरों को जनता की आपत्तियां सुनने और उनका समाधान करने की प्रक्रिया से दूर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टरों ने जनता की आपत्तियों पर कार्रवाई करने से हाथ खड़े कर दिए हैं और सारा निर्णय जयपुर से लिया जा रहा है। गहलोत का यह बयान...
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