नई दिल्ली, फरवरी 7 -- राजस्थान में सरकारी सिस्टम की तस्वीर फिर चर्चा में है। पहले स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ टीचर्स पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ डाला गया और अब वही सिलसिला सरकारी हॉस्पिटलों तक पहुंच गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब क्लासरूम नहीं, बल्कि वार्ड और अस्पताल परिसर है. और काम है-आवारा कुत्तों को भगाने का। राज्य के सरकारी हॉस्पिटलों में घूमने वाले आवारा कुत्तों पर लगाम कसने के लिए अब डॉक्टर्स को ही 'डॉग कंट्रोल' की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोधपुर और जैसलमेर के तीन सरकारी हॉस्पिटलों में बाकायदा आदेश जारी कर वहां पोस्टेड डॉक्टरों को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में फैसला दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अस्पताल परिसरों में आवारा कुत्तों की एंट्री रोकने को लेकर कई जगहों पर प्र...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.