जयपुर, सितम्बर 11 -- जयपुर के रामगढ़ बांध में हाल ही में ड्रोन के जरिए कृत्रिम बारिश कराने का प्रयोग हुआ। चार चरणों में दस बार ड्रोन उड़ाकर क्लाउड सीडिंग की कोशिश की गई। कंपनी का दावा है कि 0.8 मिमी बारिश करवाई गई, लेकिन मौसम वैज्ञानिक इसे असफल मान रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर इस प्रयोग से बारिश क्यों नहीं हो पाई? भारतीय मौसम विभाग के पूर्व महानिदेशक और संयुक्त राष्ट्र संघ के विश्व मौसम विज्ञान संगठन में स्थायी प्रतिनिधि रहे लक्ष्मण सिंह राठौड़ का कहना है कि प्रयोग का समय ही गलत था। जब जयपुर और प्रदेश में सामान्य बारिश हो रही थी, उसी समय क्लाउड सीडिंग करवाई गई। राठौड़ के शब्दों में, यह चलती ट्रेन को धक्का देने जैसा है। कृत्रिम बारिश का महत्व तभी है जब सूखा पड़ा हो और बादल उपलब्ध हों। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन से बारिश कराने का प्...
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