समस्तीपुर, दिसम्बर 2 -- जिले में रियल स्टेट का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। बड़े-बड़े मॉल व भवन बन रहे हैं। इसके बावजूद जिले के पांच हजार से अधिक राजमिस्त्रियों के चेहरे की चमक फीकी है। इनका दर्द है कि उन्हें इन भवनों के निर्माण में काम नहीं दिया जा रहा है। उनकी जगह दूसरे राज्यों से ठेकेदार, मिस्त्री व मजदूर बुलाये जा रहे हैं। सरकारी भवनों के निर्माण में भी उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय स्तरों पर बनाये जा रहे लोगों के घरों के निर्माण में उन्हें काम मिलता भी है तो ठेकेदारों के माध्यम से। ऐसे में उनकी आय का एक हस्सिा ठेकेदार को कमीशन के रूप में देना होता है। राधेश्याम चौहान, विक्रम चौहान, शंभू चौहान आदि ने बताया कि सरकार लोकल फॉर वोकल को प्रमोट कर रही है लेकिन उन्हें स्थानीय स्तर के काम में उनकी उपेक्षा की जा रही है। राजम्त्रिरि...
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