जमशेदपुर, जुलाई 5 -- नई शिक्षा नीति के आलोक में झारखंड में इंटर की पढ़ाई को कॉलेजों से अलग करने के राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी निर्देश ने छात्रों के समक्ष गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। यह निर्देश आगामी दिसंबर में 12वीं परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़ा कर रहा है। इसके समाधान के लिए विधायक सरयू राय की पहल पर शुक्रवार को बैठक बिष्टूपुर स्थित उनके कार्यालय में हुई, जिसमें अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य और इंटरमीडिएट शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक में प्राचार्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि राज्य सरकार को राजभवन से निर्देश में आंशिक संशोधन की पहल करनी चाहिए। राजभवन के परिपत्र के अनुसार, इस वर्ष से विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में इंटरमीडिएट शिक्षा बंद कर दी जाएगी। इस त्वरित प्रभाव स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.