अमरोहा, जुलाई 17 -- रामलीला समिति के चुनाव का मामला एक बार फिर चर्चाओं में है। कमेटी से जुड़े आजीवन सदस्यों ने राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते कमेटी का चुनाव नहीं होने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एक सार्वजनिक सभा 17 जुलाई को बुलाई गई है। रामलीला कमेटी के चुनाव को लेकर पिछले काफी लंबे समय से उठा पटक चल रही है। कमेटी के अध्यक्ष का कार्यकाल वर्ष 2024 में पूरा हो गया था। इसी के साथ नई कमेटी का गठन भी होना था। मगर राजनीतिक उठा पटक के चलते चुनाव नहीं हो पाया। पुरानी कमेटी ने ही रामलीला का मंचन कराया था। अब एक बार फिर रामलीला मंचन के नजदीक आते ही कमेटी के चुनाव का मामला तूल पकड़ रहा है। समिति से जुड़े आजीवन सदस्यों का आरोप है कि पिछली कमेटी ने समिति पर जबरन कब्जा कर रखा है। पिछले चार वर्षों से आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसको लेकर आज...
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