लखनऊ। राशिद अहमद, अक्टूबर 8 -- राजधानी लखनऊ में एक ऐसा गांव है, जहां आजादी के 77 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। मध्यांचल निगम मुख्यालय से महज 45 किमी.दूर रहीमाबाद के वृंदावन गांव के लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों को दीये और मोमबत्तियों के सहारे काम चलाना पड़ता है। बच्चों को ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि उनके बचपन से लेकर बुढ़ापे तक स्थिति नहीं बदली है। पहले भी बिजली नहीं थी। आज भी नहीं है। कई पीढ़ियों ने बिजली की रोशनी का इंतजार किया। कुछ लोग इस इंतजार में ही दुनिया से चले गए। विकास की रोशनी से वंचित इस गांव के लोगों को हर शाम अंधेरा होने से पहले घर लौटना पड़ता है। वृंदावन गांव में करीब तीन साल पहले पोल लगाए गए थे। कुछ दिनों बाद लेसा कर्मी पोल उ...
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