नई दिल्ली, जनवरी 31 -- रूल बुक कांग्रेस में एक मुख्यमंत्री अपने तरीके से काम करते हैं और आलाकमान को अपने खास अंदाज से राजी भी कर लेते हैं। मुख्यमंत्री की खुशकिस्मती यह है कि उनका कोई प्रतिद्वंद्वी भी नहीं है। हाल में उद्योग और निवेश के बहाने उनकी एक उद्योगपति से नजदीकी को लेकर जब सवाल उठे थे तो उन्होंने एक मंझे हुए राजनेता और दूसरे राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री को फोन लगा दिया। कहा जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें ऐसे टिप्स दिए कि मुख्यमंत्री उनके मुरीद हो गए हैं। एक नेता ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान में एक बड़े नेता हमेशा रूल बुक का हवाला देते हैं और उनका यही फॉर्मूला पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को समझा दिया। अब इस रूल बुक से ही वे अपने सारे काम जस्टिफाई करते हैं और कोई कुछ उनको बोल भी नहीं पा रहा। आखिर, चुप क्यों? उत्तर प्रदेश ...