लातेहार, अप्रैल 9 -- महुआडांड़, प्रतिनिधि। महुआडांड़ का राजकीय अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में 112 बच्चें नामांकित है। जबकि यहां शिक्षक के नाम पर एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। स्कूल के देख रेख क्लर्क लक्ष्मण उरांव और एक नाइट गार्ड अशोक बड़ार्इक के भरोसे होता है। यहां सभी बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। सभी के अभिभावक उज्जवल भविष्य के लिए यहां अपने बच्चों का नामांकन कराते हैं। लेकिन यहां तो मामला ही उल्टा नजर आ रहा है। बच्चे तो हैं लेकिन शिक्षक एक भी नहीं है। जिसके कारण बच्चों का पढ़ाई बाधित है। इस स्कूल में 7 से लेकर 10 तक क्लास तक की पढ़ाई होती है। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि यहां बच्चे का भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है,जिसे देखने वाला कोई नहीं है। बताते चले कि मंगलवार को प्राचार्य गिरजा राम भी स्कूल में मौजूद नहीं थे। स्क...
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