खगडि़या, दिसम्बर 15 -- खगड़िया, नगर संवाददाता। गंगा नदी के कटाव से प्रतिवर्ष सैकड़ों एकड़ जमीन नदी के गर्भ में समा रही है। आलम यह है कि लगातार हो रहे कटाव के कारण क्षेत्र का भी भूगोल बदलता रहता है। पूर्व में कई बार प्रयास भी किए गए, लेकिन स्थायी निदान नहीं होना, लोगों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। इसके स्थायी समाधान की जरूरत है। इसके बाद ही कटाव से लोगों को राहत मिल पाएगी। बताया जा रहा है कि सदर प्रखंड के रहीमपुर दक्षिणी पंचायत के मथार दियारा में गंगा नदी के कटाव से लोग परेशान रहते हैं। सिर्फबाढ़ के समय को छोड़ दें तो रूक रूक कर कटाव होते रहती है अभी जलस्तर में कमी आ रही है। जलस्तर में कमी आने के साथ ही नदी अपना रूप बदलने लगती है और कटाव शुरु हो जाता है। हालांकि अभी कटाव की रफ्तार भले ही उग्र नहीं हो, लेकिन लोगों के बीच कटाव के उग्र रूप अख्त...
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