चतरा, फरवरी 19 -- कुंदा प्रतिनिधि बुधवार की सुबह मेदवाडीह गांव में एक नीलगाय बेसुध अवस्था में पड़ी हुई थी। ग्रामीणों ने उसे पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। नीलगाय की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है, जिससे ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, नीलगाय को बेसुध अवस्था में देखकर उन्होंने उसे पानी पिलाया और उसकी देखभाल करने की कोशिश की। लेकिन कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। नीलगाय की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग को सूचना दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बीमार नीलगाय की सूचना वन विभाग को दिया था, लेकिन विभाग ने इसकी कोई सूधी नहीं ली, जिस कारण नीलगाय की मौत हो गयी। अगर वन विभाग समय पर आकर उसकी देखभाल करते हुए इलाज कराता तो शायद नीलगाय नहीं मरती

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