सुल्तानपुर, फरवरी 24 -- सुलतानपुर। रमजानुल मुबारक इस्लामी कैलेंडर का सबसे अफ़ज़ल और बरकतों वाला महीना माना जाता है। इसी पवित्र माह में अल्लाह तआला ने इंसानियत की रहनुमाई के लिए अपनी तैरात,इंजील, ज़बूर और मुकद्दस किताब क़ुरआन को नाज़िल फरमाया। इस महीने में मस्जिदों और घरों में विशेष रूप से क़ुरआन पाक की तिलावत, तरावीह और इबादत का सिलसिला जारी रहता है। सुलतानपुर शहर के सेनानी बिहार मोहल्ला निवासी व सेवा निवृत्त सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण हाजी मसरूर उद्दीन सिद्दीकी कहते है कि रमजान केवल भूख और प्यास का नाम नहीं, बल्कि सब्र, परहेज़गारी और आत्मसंयम का प्रशिक्षण है। यह महीना हमें गुस्से, बुराइयों और गलत आचरण से दूर रहने की सीख देता है। साथ ही गरीब, मिस्कीन और मोहताज लोगों की भूख और तकलीफ को महसूस कर उनकी मदद करने का संदेश देता है। इस्लाम मे...