रामपुर, दिसम्बर 3 -- एसआईआर के तहत मतदाता शुद्धिकरण का कार्य तो हो ही रहा है, इसके साथ ही एक सामाजिक बदलाव भी देखने को मिल रहा है। जो परिवार अपने गांव को छोड़कर शहर में कमाने के लिए गए थे, एसआईआर में वोट बनवाने के लिए दोबारा गांव का रुख कर रहे हैं। करीब 20 फीसदी ऐसे परिवार हैं जो शहर की आबादी के बीच में रह रहे हैं मगर एसआईआर में अपना वोट गांव में ही रखना पसंद कर रहे हैं। जिले के विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर का कार्य तेज गति से पूरा हो रहा है। इसमें बीएलओ और सुपरवाइजर मेहनत से जुटे हुए हैं। साथ ही जिला प्रशासन भी एसआईआर को लेकर काफी संजीदगी से काम कर रहा है। निर्वाचन विभाग की ओर से एसआईआर में करीब 74 फीसदी कार्य पूरा भी हो चुका है और मतदाताओं के फार्म आनलाइन फीड भी किए जा चुके हैं। चूंकि निर्वाचन आयोग की तरफ से पूर्व में एसआईआर की आखिरी त...