वाराणसी, नवम्बर 29 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। कफ सिरप के अवैध कारोबार में शातिरों ने हर कदम पर अफसरों को भरमाने के लिए चालाकी की थी। अबतक की जांच में सामने आया है कि कई फर्मों के नाम पर करोड़ों के कफ सिरप का बिल बनाया गया। हैरान करनेवाली बात यह कि जिन फर्मों के नाम पर बिल बने वहां कफ सिरप बरामद ही नहीं हुई। अफसर इस बात से सकते में हैं कि आखिर सिरप गई कहां। जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि कफ सिरप बिहार, झारखंड के साथ बंग्लादेश तक भेजी गई है। औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों के मुताबिक कोडीन युक्त कफ सिरप का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। बिल में हेरफेर कर कफ सिरप का बड़ा सिंडिकेट चल रहा है। राधिका इंटरप्राइजेज ने शुभम के पिता की फर्म शैली ट्रेडर्स सहित अन्य फर्मों से कफ सिरप खरीदी थी। जिसकी सप्लाई पुरना फार्मा को की गई थी। जब पुरना फार्मा...