उत्तरकाशी, जुलाई 26 -- रवांई घाटी के रामा सिराईं एवं कमल सिरांई समेत मोरी के गडूगाड़ क्षेत्र की प्रसिद्ध लाल धान की फसल अज्ञात बीमारी की चपेट में है। धान की फसल खेतों में पीली पड़कर सूखने लगी है, जिसे देखकर काश्तकार बेहद चिंतित हैं। क्षेत्र के किसान सुदामा बिजल्वाण, राजपाल पंवार, नवीन गैरोला, धनवीर सिंह रावत, श्यालिक राम नौटियाल, रमेश असवाल आदि ने बताया कि क्षेत्र में एक माह पहले दिन रात मेहनत से धान रोपाई की। अब अज्ञात रोग से किसानों की मेहनत बर्बादी की कगार पर है। स्थानीय बोली में तितरा रोग से ग्रसित धान की फसल मुरझाकर पीली पड़ चुकी है। जिससे आने वाले समय में किसानों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट गहरा सकता है। गुंदियाट गांव, पुरोला, नेत्री, खलाड़ी, देवदूंग, छिबाला, महरगांव, स्वील, ठडूंग, चंदेली, भद्राली, सुकड़ाला, सुनाली आदि गांव के काश्तक...
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