बलरामपुर, फरवरी 23 -- गैड़ास बुजुर्ग, संवाददाता। रमजान का महीना बेपनाह नेकियां बटोरने वाला महीना माना जाता है। ऐसे में सभी लोगों को रोजा रखकर अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए। जानकार बताते हैं कि माह-ए-रमजान में शारीरिक और मानसिक पवित्रता का विशेष महत्व होता है। रोजेदार पूरे महीने संयम, सादगी और अनुशासन के साथ इस्लामी परंपराओं का पालन करते हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है मिस्वाक (दातून) से दांतों की सफाई करना। रमजान शुरू होते ही स्थानीय बाजारों में मिस्वाक की मांग बढ़ जाती है। इसे सुन्नत माना जाता है, क्योंकि पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स्वयं दांतों की सफाई के लिए मिस्वाक का उपयोग करते थे। दंत चिकित्सक डॉ. अताउल्लाह खान बताते हैं कि रमजान त्योहार बेपनाह नेकियां बटोरने का महीना होता है। ऐसे में लोगों को निर्धारित नियम के तहत ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.