कोडरमा, मार्च 6 -- मरकच्चो, निज प्रतिनिधि । रमजान की फजीलत बयान करते हर जामा मस्जिद मरकच्चो के इमाम मो. जसिमुद्दीन ने बताया कि रमजान वहीं महीना है जिसमें दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी महीने में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज (जरूरी) हैं। ये वह महीना है जिसमें अल्लाह की तरफ से रहमतें नाजिल होती है। इस पूरे महीने में 15 साल से ज्यादा के लड़का-लड़कियों पर रोजा फर्ज है। रमजान के पूरे महीने में मुसलमान दिन में रोजा रखते हैं और रात में ईशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज अदा करते हैं। रमाज की ये सबसे दो अहम इबादतें है जिसे हर मुसलमान मानता है। रोजे मुसलमान पर फर्ज तो तरावीह सुन्नत है। इस पूरे महीने की इबादत का मकसद खुद पर कंट्रोल करना है, नेक काम करना है और सब्र करना है। कुरान में ...
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