लखनऊ, फरवरी 23 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता रमजान मुबारक के महीने में सोमवार को तरावीह का पहला दौर मुकम्मल हुआ। ऐशबाग ईदगाह जामा मस्जिद, करामत मस्जिद समेत जिन-जिन मस्जिदों में पांच पारे की तरावीह हुई वहां सोमवार को पहला कुरआन मुकम्मल हो गया। कुरआन मुकम्मल होने पर मुल्क में अमन और शांति की दुआ की गई। इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि कुरान करीम और रमजानुल मुबारक का आपस में गहरा सम्बंध है। इसी मुबारक महीने में कायनात को पैदा करने वाले ने इंसानियत की रहनुमाई के लिए अपनी आखिरी किताब अपने आखिरी नबी कपाक पर उतारी। उन्होंने कहा कि कुरान करीम ऐसी मुबारक व मुकद्दस किताब है जो भी इसके साए में आएगा वह महफूज हो जाएगा। तकरीर के बाद मौलाना खालिद रशीद ने खुदा पाक के हुजूर में दुआ की। मौलाना ने तमाम मरहूमीन के लिए दुआ की। उन्होने नई नस्ल क...
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