उरई, फरवरी 24 -- कालपी। जैसे ही रमजान का चांद नजर आता है, हर मुसलमान के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ जाती है। दारुल उलूम गौसिया मजिदिया के नाज़िमे आला (प्रबंधक) अल्हाज हाफिज इरशाद अशरफी ने कहा अल्लाह तआला का हम पर एहसान है कि उसने हमें रमजान जैसी अज़ीम नेमत अता की। यदि किसी शरई मजबूरी के कारण कोई रोज़ा नहीं रख पा रहा है, तो उसे खुलेआम खाने-पीने से बचना चाहिए। साथ ही, जिन चीजों को अल्लाह ने हराम और मना फरमाया है, उनसे परहेज करें। हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है। इसी मुकद्दस महीने में अल्लाह तआला ने कुरआन पाक को नाज़िल फरमाया। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि इस महीने में ज्यादा से ज्यादा कुरआन की तिलावत करे, नमाज़ की पाबंदी करे और अपने गुनाहों से तौबा करे। उन्होंने अपील की कि लोग अपनी ज़कात और सदकात की रकम स...