सीवान, फरवरी 22 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के सभी इलाकों में रोजेदार रोजे रख अपनी इबादतों में मस्गुल हैं। बता दें कि इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में रमजान एक स्तंभ है। वहीं मौलाना काशिफ साहब ने बताया कि रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना होता है। रमजान महीने में ही खुदा ने कुरआन को नाजिल किया था। रमजान में तरावीह की नमाज पढ़ने, कुरआन पढ़ने के साथ साथ अल्लाह से दुआ करने, जरूरतमंद की मदद करने और सामाजिक काम करने का बहुत महत्व होता है। कुरआन में लिखा है, 'तुम पर रोजे वाजिब किए गए हैं ताकि तुम डर रखने वाले बन जाओ और तुम परहेजगारी पैदा हो। इसके साथ ही रोजा न रखने में बीमार और सफर करने वालों को छूट दी गई है। रोज़ा हर बालिग पर वाजिब है। रमजान कहता है, भूखे, प्यासे, बीमार, लाचार, जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करो। रमजान में किसी चीज की लाल...
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