गाजीपुर, फरवरी 21 -- गाजीपुर। जमानियां क्षेत्र में पवित्र माह रमजान के पहले रोजे के साथ ही इबादत का सिलसिला तेज हो गया है। रोजेदारों का कहना है कि रोजे की हालत में हर सांस इबादत में शुमार होती है और इसका सवाब कई गुना बढ़ जाता है। मेहरून निशा और मोहम्मद शौकत ने बताया कि रमजान बरकत और रहमत वाला महीना है, जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों पर विशेष कृपा फरमाता है। हदीस के हवाले से उन्होंने कहा कि रोजेदार के मुंह की महक अल्लाह को मुश्क-अंबर से भी ज्यादा पसंद है। इफ्तार के वक्त की गई दुआएं खास तौर पर कबूल होती हैं। मस्जिदों में पुरुष नमाज-ए-मगरिब और तरावीह अदा कर रहे हैं, जबकि महिलाएं घरों में इबादत कर रही हैं। अकीदतमंद मुल्क में अमन-चैन और बीमारियों से निजात की दुआ मांग रहे हैं।

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