अलीगढ़, दिसम्बर 17 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। रबी के सीजन में गेहूं, चना, मसूर, मटर आदि में कई तरह के रोग लग जाते हैं। इससे फसल झुलस कर खराब होती है और किसानों का मोटा नुकसान होता है। फसलों को रोग-कीट से बचाने के लिए कृषि रक्षा अधिकारी ने सुरक्षा के उपाय सुझाए हैं। उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में चौड़ी एवं संकरी पत्ती के खरपतवार चटरी-मटरी, कृष्णनील, बथुआ, फेलेरिस माइनस, जई खरपतवारो का प्रकोप होता है। चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के लिए मैटसल्फयूरान मिथाइल 20 प्रतिशत डब्ल्यूपी 20 ग्राम प्रति. हेक्टेयर, 2,4 डी. सोडियम साल्ट 80 प्रतिशत, 625 ग्राम या कारफेन्ट्राजोन इथाइल 40 प्रति. डीएफ 50 ग्राम मात्रा प्रति. हेक्टेयर 500 लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें। सकरी पत्ती के लिए (जई, फेलेरिस माइनस) सल्फोस्ल्फयू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.