रांची, फरवरी 12 -- रनिया, प्रतिनिधि। खूंटी जिले का रनिया प्रखंड, जो कभी माओवादी और पीएलएफआई गतिविधियों के कारण चर्चा में रहता था, अब सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल बन रहा है। जहां कभी भय और बंदूकों की चर्चा होती थी, वहीं अब हॉकी स्टिक की टकराहट और बेटियों की हंसी गूंज रही है। गांवों की आदिवासी बालिकाएं खेल के मैदान में अपनी पहचान बना रही हैं। इस बदलाव के केंद्र में 'हॉकी फॉर हर' कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2025 में जीआरएसई की पहल पर चाइल्ड राइट्स एंड यू (सीआरवाई) के सहयोग से हुई। 14 नवंबर 2025 को बिरसा कॉलेज, खूंटी में इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत कर्रा और रनिया प्रखंड की 100 आदिवासी बालिकाओं को नियमित हॉकी प्रशिक्षण, पौष्टिक आहार और जीवन-कौशल शिक्षा दी जा रही है। यह क्षेत्र लंबे समय तक संसाधन-विहीन रहा, जहां बड़ी सीएसआर...