नई दिल्ली, फरवरी 3 -- रत्न शास्त्र में 84 उपरत्न और 9 रत्नों का वर्णन मिलता है। इसमें माणिक्य, पुखराज, पन्ना, हीरा, मूंगा जैसे रत्न को प्रमुख माना गया है। हर रत्न का अलग-अलग प्रभाव होता है। लेकिन किसी भी रत्न को धारण करने से पहले और बाद में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। इससे रत्न का शुभ प्रभाव पड़ता है। लेकिन किसी भी प्रकार का रत्न या धातु धारण करने के पहले किसी ज्योतिष से सलाह जरूर लेना चाहिए। चलिए जानते हैं कि रत्न धारण करने के बाद क्या नहीं करना चाहिए। खंडित ना होने पाए रत्नकिसी भी रत्न को धारण करने बाद उसे समयज-समय पर चेक करते रहें कि कहीं वो टूटा या चिटका तो नहीं है। अगर ऐसा है तो उसे तुरंत उतार दें। क्योंकि इसे खंडित माना जाता है। माना जाता है कि खंडित रत्न पहनने से नकारात्मक शक्तियों का वास होने लगता है। साथ...