हल्द्वानी, दिसम्बर 11 -- हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भीमताल की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 'अनुभव आधारित विज्ञान कार्यशाला' बुधवार को संपन्न हो गई। इस दौरान शिक्षकों से अपील की गई कि कार्यशाला में सीखी गई गतिविधियों और मॉडलों को कक्षा-कक्ष तक जरूर पहुंचाएं ताकि विज्ञान का शिक्षण रटंत प्रणाली के बजाय करके सीखने की दिशा में आगे बढ़े। मुख्य अतिथि एवं डायट प्राचार्य सुरेश चंद्र आर्य ने शिक्षकों से कहा, तीन दिनों में आपने जो विविध मॉडल और गतिविधियां तैयार की हैं, उन्हें कक्षा तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आपकी है। इन नई गतिविधियों को नियमित रूप से अपनाएं ताकि बच्चे विज्ञान को अनुभव के साथ जोड़कर सीख सकें। मुख्य संदर्भदाता आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि सीखना तभी प्रभावी होता है जब वह अनुभव पर आधारित हो। रटकर याद करने से व...