बांका, जून 10 -- रजौन(बांका)। निज संवाददाता : घटते जल स्तर को लेकर एक तरफ जहां सरकार तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों के जीर्णोद्धार को लेकर चिंतित है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का तालाब दिनोदिन अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। कभी पानी से लबालब भरा यह तालाब अपने सौंदर्यीकरण को लेकर कभी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के रौनक में और चार चांद लगाने का काम करता था, लेकिन प्रशासनिक व विभागीय उपेक्षा के कारण अब यह तालाब कूड़ा, करकट फेंकने का स्थल बन गया है। खुदाई व रखरखाव के अभाव के कारण यह तालाब पूरी तरह अस्तित्व विहीन होता जा रहा है। आसपास के दुकानदारों एवं आम लोगों के घरों का कूड़ा करकट फेंके जाने से इस तालाब से निकलने वाली बदबू व सड़ांध कई खतरनाक बीमारियों को आमंत्रित भी कर रही है। जानकार बताते हैं कि सन 1970 के दशक में तत्कालिक बीडीओ एवं सीओ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.