सीवान, फरवरी 15 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। सात साल पहले जब यहां पर कृषि फीडर बनाने का काम शुरू हुआ तो इलाके के किसानों को यह यकीन हो गया कि जल्द ही उनके दिन बहुरेंगे। खेती करना घाटे का सौदा साबित नहीं होगा। सिंचाई पर सबसे ज्यादा खर्च होने की समस्या से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। किसानों की समस्या यह आज भी जस का तस बरकरार है। केन्द्रीय कृषि व ऊर्जा मंत्रालय ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत रघुनाथपुर में जुलाई 2017 में ही कृषि फीडर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन, 7 साल बाद भी न ढंग से कहीं पोल-तार दिख रहे हैं और न ट्रांसफार्मर ही। वैसे तो यह योजना पूरे जिले भर में शुरू हुई थी। इस योजना में जिले के सभी प्रखंडों और लगभग सभी गांवों को शामिल किया गया है। लेकिन, कुछेक जगहों को छोड़कर कहीं यह योजना धरातल पर कारग...
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