मोतिहारी, फरवरी 7 -- रक्सौल, नगर संवाददाता। रक्सौल प्रखंड में पांच मिलरों को उसना चावल तैयार कर एसएफसी को देना है। लेकिन सरकार के द्वारा मिलरों को पर्याप्त मात्रा में एफआरके उपलब्ध नहीं कराए जाने को लेकर धीमी गति से मिलरों को चावल तैयार करना पड़ रहा है। बीसीओ विकास ठाकुर ने बताया कि रक्सौल में पांच मिलर हैं। इन सभी मिलों के द्वारा अब तक 1073 मिट्रिक टन चावल तैयार किया गया है। एफआरके की कमी के कारण चावल तैयार करने की गति धीमी हो गई है।

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