फतेहपुर, फरवरी 19 -- रंगोत्सव जैसे पावन होली पर्व की रंगत का असर मनरेगा कर्मियों जिम्मेदारों पर गहराया है। रंग व गुलाल से पहले रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। छह-सात माह से लंबित मानदेय से त्योहार की खुशियां फीकी नजर आने लगी है। पंचायतों के कच्चे पक्के कार्यो में भी असर पड़ा है। पिछले वर्ष भी यही हाल रहा है। जिले से लेकर ब्लॉकों में मनरेगा में कार्यरत जिम्मेदार व कर्मियो के सामने त्योहार न मनाने की नौबत आ गई है। महीनों से मानदेय लंबित होने से काम पर असर पड़ने के साथ रोजी रोटी के लाले पड़े है। ब्लॉकों में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी 11, कम्प्यूटर ऑपरेटर 15, लेखा सहायक सात तथा पंचायतों में 615 रोजगार सेवकों की निगहबानी में ही कच्चे पक्के काम होते है। मई, जून माह से जिम्मेदारों व कर्मचारियों का भुगतान रुका पड़ा है। अफसरों से मानदेय दिलाने क...