गढ़वा, मार्च 27 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। वर्तमान समय में रंगकर्म और रंगकर्मी की स्थिति किसी भी दृष्टि से संतोषजनक नहीं है। आज न तो रंगकर्म को पर्याप्त सम्मान मिल पा रहा है और न ही रंगकर्मियों को। अभावों के बीच रंगमंच को बचाना स्थानीय कलाकारों के लिए बड़ी चुनौती है। रंगमंच को बढ़ावा देने के लिए जिला मुख्यालय में अबतक रवींद भवन का निर्माण नहीं हुआ। न ही रंगमंच के लिए सुविधा संपन्न ऑडिटोरियम ही है। रंगमंच को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर भी स्थानीय रंगकर्मियों को प्रोत्साहन और सरंक्षण भी नहीं मिलता। रंगकर्मी नीरज श्रीधर स्वर्गीय बताते हैं कि रंगकर्मियों की स्थिति सदैव ठीक रहे उसके लिए जन सामान्य के साथ सरकार को भी चिंतन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि संसाधनों के घोर अभावों के बावजूद स्थानीय रंगकर्मियों ने जो उपलब्धि हासिल की है वह सराहनीय है। ...
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