कानपुर, मई 29 -- कानपुर। रंग, रूप या खूबसूरती से नहीं बल्कि अभिनय क्षमता से कलाकार को सफलता हासिल होती है। ओमपुरी या फिर स्मिता पाटिल बहुत खूबसूरत नहीं थे, मगर उनके अभिनय को दुनिया ने सराहा। यह बात आज भारतेन्दु नाट्य अकादमी लखनऊ व अनुकृति कानपुर के संयुक्त प्रयास से आयोजित रंग पाठशाला में चौथे दिन प्रशिक्षक, वरिष्ठ रंगकर्मी डा.ओमेन्द्र कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि आज-कल कलाकार जिम जाने के लिए उत्सुक हैं लेकिन अपनी अभिनय की ट्रेनिंग पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते। अभिनय का शौक रखने वाले युवाओं को कम से कम 05 से 06 साल थिएटर करना ही चाहिए। कार्यशाला में दीपिका सिंह, संध्या सिंह, राम गोपाल, सम्राट यादव, आयुष, जिज्ञासा शुक्ला, आकाश शर्मा, शांति गुप्ता, वंदना तिवारी, रवि गुप्ता, दीपक वर्मा, भारती, शांभवी शुक्ला, रोशन कुमार, विजय, मोहम्मद वसीम ...
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