नई दिल्ली, जनवरी 27 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि यौन उत्पीड़न की शिकार महिला या लड़की का नाम, पिता का नाम या पता अदालतों में दायर किसी भी दस्तावेज या रिपोर्ट में प्रकट नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से सभी थानेदारों (एसएचओ) और जांच अधिकारियों को यौन उत्पीड़न की पीड़ितों की पहचान नहीं उजागर करने से संबंधी कानून का सख्ती से पालन करने के लिए उचित निर्देश देने को कहा है। हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह निर्देश पारित किया। कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में जांच अधिकारी द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट में पीड़िता का उल्लेख है। यह भी पढ़ें- 'महिलाएं भी कानून का गलत फायदा उठाती ...
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