रुडकी, जनवरी 12 -- लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर कार्यक्रम में बताया गया कि स्वामी विवेकानंद ने एक योद्धा संन्यासी के रूप में पूरे विश्व को भारत की महान संस्कृति, आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास का परिचय कराया। शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण के बाद न केवल भारत, बल्कि भारतीय दर्शन और संस्कृति को देखने की दुनिया की दृष्टि ही बदल गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कमजोरी को पाप बताया था। उन्होंने कहा कि जब हम ईश्वर की संतान हैं और ईश्वर स्वयं शक्तिशाली है, तो फिर मानव कमजोर कैसे हो सकता है। स्वामी जी का संदेश आत्मबल और आत्मविश्वास को जाग्रत करने वाला है।

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