गंगापार, जून 18 -- 11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में योग सप्ताह के अंतर्गत विविध आयोजन हो रहे हैं। विरासत से विकास: योग का महत्व विषय पर एक विचारोत्तेजक चर्चा का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो. विजय प्रकाश भारती के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो उषा द्विवेदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत की सांस्कृतिक यात्रा एक रंग-बिरंगी रंगोली की तरह उभरकर सामने आई है। इसमें परंपरा की गहराई, आधुनिकता की समझ और वैश्विक जुड़ाव का अद्भुत समावेश है। मुख्य वक्ता अध्यात्मिक योग प्रशिक्षक अभिषेक श्रीवास्तव ने योग की प्राचीन अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राचीन काल में योग का अभिप्राय स्वाध्याय,जीवन के उद्देश्य की प्राप्ति तथा परमात्मा से जुड़ाव से था। प्रो.एसपी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.