बस्ती, जनवरी 3 -- बस्ती। संसार में योग की परंपरा अत्यंत प्राचीन और समृद्ध मानी जाती है। वैदिक संहिताओं के अनुसार ऋषि-मुनियों एवं तपस्वियों की ओर से प्राचीन काल से ही योग का अभ्यास किया जाता रहा है। योग का उल्लेख वेदों में भी मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है। यह बातें योगाचार्य डॉ. नवीन सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि योग के आठ अंग होते हैं, जिन्हें अष्टांग योग कहा जाता है। अष्टांग योग का उद्देश्य चित्त के अज्ञानरूपी प्रवाह को स्थिर कर उसे ज्ञानरूपी प्रवाह की ओर ले जाना है।

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